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Rahul Gandhi stood in a queue for first time in his life: Prakash Javadekar

He further said that by demonetizing currency, Prime Minister Narendra Modi’s has brought a revolution and it will bring economic independence.

By: ANI | Imphal | Published: November 12, 2016 11:19 am
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Referring demonetisation of Rs 500 and Rs 1000 as a ‘revolutionary change’, Union Minister of Human Resource Development Prakash Javadekar on Saturday took a jibe at Congress vice-president Rahul Gandhi who stood in queue outside a bank, saying that the latter went there just for a photo opportunity.

“He has been in a queue for the first time in his life. All party member from BJP and others have been in queue. Congress is synonymous with corruption. Today when we are fighting corruption, he is fighting for photo opportunity,” Javadekar said.

He further said that by demonetizing currency, Prime Minister Narendra Modi’s has brought a revolution and it will bring economic independence.

“The Congress looted left, right and centre for years together. What it has achieved is complete mechanism and culture of loot and corruption. Now they want to have new excuses to oppose this revolutionary step of demonetisation because they are badly hurt,” he said.

Visiting the bank on Friday, Gandhi said, “I have come here to exchange Rs.4000. I will stand in line with the people who are suffering.”

He also attacked Prime Minister Narendra Modi and said, “I am not seeing any ‘Sui-boot’ person standing in queue to withdraw cash. I am only seeing people languishing here standing in serpentine queues.”

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  1. V
    Vijay kumar
    Nov 12, 2016 at 6:55 pm
    Sorry, lt;br/gt;यदि राहुल गाँधी की बात सोच शैली आजके छिछोरे लोगों को समझ नहीं आती है तो इसमें राहुल क्या कर सकता है। lt;br/gt;यहाँ तो इतने छिछोरे नेता है जो नेहरूजी को गलत बताते रहते है, परंतु कहीं भी जाएँ , जायेगें नेहरूजी की वेश भूषा में ही। वो ही कुर्ता , चूड़ी दार पाजामा, अचकन, शेरवानी, जवाहर जैकेट, राजीव गांधी का बंद गले का सूट, क्या कहोगे ऐसे छिछोरे नेताओं को और इनके नमन करने वाले छिछोरों को।
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    1. V
      Vijay kumar
      Nov 13, 2016 at 8:17 am
      नोटबंदी का निर्णय एक जल्दबाजी का बिना सोचा निर्णय था। इतिहास में इस तरह के निर्णय केवल मोहम्मदबिन तुगलक ( बादशाह) ने ही लिए हैं। आज उसी analogy में यह निर्णय मोदी-बिन-तुगलक का निर्णय भी कहा जा सकता है।lt;br/gt;अब 56" छाती वाले को गोवा में रोते हुए भी देखा कि अब विरोधी (यानि दाऊद वगहर) उसे जिन्दा नहीं छोड़ेंगे। lt;br/gt;अभी तो तुम्हें यूपी पंजाब भी जाना है। यूपी में तो भीड़ लड़कियों को नचवा कर इकट्ठी की जा रही है।अब यूपी में तुम्हारा भी मुगालता निकल जायेगा। lt;br/gt;lt;br/gt;गोवा में तो राहुल गांधी पर व्यंग ! कि आज करोड़पति भी 4000 के लिए लाइन में लगे हैं। lt;br/gt;काश: मोदी-बिन-तुगलक ने कहने से पहिले जरा सा सोच लिया होता। lt;br/gt;मतलब साफ। राहुल के पास तो काला धन नहीं है।lt;br/gt;लेकिन क्या आपने मोदी-बिन-तुगलक के खानदान या दोस्तों के परिवार का कोई सदस्य 4000 के लिए खड़ा देखा है? नहीं ना ?lt;br/gt;अब एक मुफ्त सलाह भी:lt;br/gt;चुनावी जुा, 15 -15 लाख विदेशी काला धन हर एक के बैंक खाते में डलवाने का।lt;br/gt;वो तो आप नहीं कर सके।lt;br/gt;देशी धन कुबेरों का काला धन आप पहले ही उनसे 35% काला धन लेकर सफेद कर दिया था। रह गए गरीब, लेकिन ईमानदार मेहनतकश मज़दूर , किसान, चायवाले, रिक्शावाले, फुटपाथ पर खुदरा सामान बेचने वाले व अनपढ़ घरेलु औरतें , जिनकी पेट काटकर जीवन भर की जमा पूंजी को यह मोदी-बिन-तुगलक आज देशी काला धन बड़ी बेशर्मी से बतला रहा है। क्या कभी कोई भला मानस इतनी बड़ी बेशर्माई दिखाने की सोच भी सकता है सिवाय शैतान के ? lt;br/gt;आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है?
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      1. V
        Vijay kumar
        Nov 12, 2016 at 4:29 pm
        प्रकाश जावेडकर को कम से कम अपने भोंडे मुखड़े से अपने आका को खुश करने के लिए कुछ बोलने से पहले शीशे के सामने रिहर्सल जरूर कर लेना चाहिए। और अपनी औकात देख कर ही बोलना चाहिए। जब जावेडकर के आका की खुद की हिम्मत ही नहीं राहुल गांधी के खिलाफ नाम लेके बोलने की, तो जावेडकर के पेट में काहे खाली पिली दर्द होता है , क्योंकि ऐसा दर्द तो उसको ही होता है जिसके गले में उसके आका ने पट्टा डाल रखा हो।
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        1. V
          Vijay kumar
          Nov 13, 2016 at 7:23 am
          मोदीजी आप गला फाड़ फाड़ कर गोवा में बोल रहे हो कि आज करोड़पति भी 4000 की लाइन में लग कर नोट बदल रहे है। lt;br/gt;अब आप मुझे यह बतादें। कि आपका कौन सा रिश्तेदार व् दोस्त के परिवार का कौनसा व्यक्ति 4000 की लाइन में लगा है।
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          1. V
            Vijay kumar
            Nov 13, 2016 at 8:48 am
            ये काले धन वाले फ़िल्मी हीरो , जो डर के मारे चमचा गिरी करके नोट बंदी को अच्छा बता रहे है और जनता को संयम बरतने की खोकली सलाह टीवी पर दे रहे है। उनसे मेरा वक सवाल।lt;br/gt;आपके घर 100 100 की कितनी हज़ार गड्डियां पहले से ही लगी हुई थी जो आपमें से किसी को बैंक की लाइन में लगे किसी ने नहीं देखा। क्या ब्लैक में 100 110 की गड्डियां खरीद रहे हो। ?
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