Rs 526 crore for AAP govt publicity; Congress asks is it to purchase media

According to a senior government official, to connect with people of Delhi, government has released a 70-second long advertisement which is being played on FM radio channels.

By: Press Trust of India | New Delhi | Updated: July 2, 2015 5:55 pm
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Opposition on Thursday attacked the AAP government for reportedly hiking allocation for information and publicity, saying spending public money on “self publicity” amounted to corruption.

“They (Delhi Government) have set aside Rs 526 crore just for information and publicity and last year only Rs 24 crore was spent for the same. They have cut budget from various other infrastructure development works and they are spending money on their own party workers and consultants. Is it not a form of corruption by spending more money on self publicity?” Delhi Pradesh Congress Committee (DPCC) chief Ajay Maken said.

Former AAP leader Prashant Bhushan also criticised government’s move. He alleged that Arvind Kejriwal government’s new FM radio ad was a contempt of court and the issue would soon be brought to the notice of the Supreme Court.

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“The TV advertisement brought in by Kejriwal government was in complete violation of the Supreme Court’s order and it amounts to contempt of court. To think that you can do anything by way of radio advertisements because it doesn’t carry a photograph would be total misunderstanding of court’s order. If the radio advertisement is used to publicise and promote a party, government or a political leader, that would be in violation of Supreme Court’s order and it will be soon brought to the notice of the court that this is how political parties are violating the spirit of court’s order,” Bhushan said.

According to a senior government official, to connect with people of Delhi, government has released a 70-second long advertisement which is being played on FM radio channels.

In the advertisement, Chief Minister Arvind Kejriwal says that his government has doubled the budget for education and the allocation for health has gone up by 45 per cent. He says his government has the intent to spend money on people’s welfare.

The move came close on the heels of the Supreme Court banning use of pictures of chief ministers and other political personalities on advertisements, billboards or hoardings of government schemes. The Prime Minister and the President are the only exceptions to the rule.

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  1. A
    Aam aadmi
    Jul 2, 2015 at 6:18 pm
    Congress had taken 60 yrs AAP will take only 6 yrs
    Reply
    1. V
      Vikrant
      Jul 3, 2015 at 2:35 am
      526 cr for publicity that too for a state which is just a city... what would be rhe budger if they come to power in a real state? And these are the same people who would always start talking abt poors and needy...
      Reply
      1. A
        Asheesh Khajuria
        Jul 4, 2015 at 4:25 am
        ये देश आखिर चला कौन रहा है ? कितने लोग आज इस बात पे गौर फरमाते है? आज एक सामान्य भारतीय से पूछो तो वो कहेगा "नेता लोग". 1947 से पहले इस देश पे लगभग 700 साल विदेशियों का राज चला. वह जानते थे कि उन्हें इस देश के लोगों का विश्वास भी जीतना होगा अगर राज कायम रखना है तो. आज के नेता जन्म से विदेशी तो नहीं लेकिन उनके नाक के निचे इस देश कि 50% कमाई बहार के देशों में जा रही है. मतलब हर आम आदमी को अपनी कमाई का 50% ही मिलता है जबकि टैक्स 3 से 4 गुना बढ़ गए हैं. जबकि पिछले 60 साल में कई उद्योगपतियों ने नुकसान दिखा दिखा कर न सिर्फ अपने टैक्स माफ़ कराये हैं बल्कि बिजली पानी के भी लाखों रुपयों के बिल माफ़ करवाये है. यदि ी में हमारे नेता चला पाते इस देश को, ये देश आज चीन, जापान को टक्कर दे रहा होता और एक आम आदमी के मन में कुछ तो सत्कार अपने नेता का भी रहता. लेकिन जिस तरह से इस देश में 90% सरकारें 5-10 साल में बदल दी जाती है, उससे स्पष्ट है की हर सरकार ने कुछ ऐसे अलोकप्रिय निर्णय लिए होंगे जिसके कारण जनता उन्हें उनकी औकात दिखाती रहती है. यह अलोकप्रिय निर्णय लिए क्यों जाते हैं? आलोचकों को आज कहीं मंदबुद्धि बताकर तिरस्करित किया जा रहा है तो कहीं उनपे हे किये जा रहे hai. सरकारों के काम इस देश में, जब तक रेडियो और टीवी पर न आ जाए, दीखते नहीं है. भकत कहते हैं की हम आलोचक सरकार कि मजबूरी समझ ही नहीं पाते. क्या करे हमे तो उस गृहणी कि मजबूरी दिखती है जिसको पीने के पानी के लिए रोज़ 2-3 घंटे देने पड़ते हों. उस बेटी कि मजबूरी जयादा लगती है जिसे अपने बीमार माँ बाप कि दवा दारु के लिए बिक जाना पड़ता हो. कैसे आपकी मजबूरी को ज़ियादा मान लें. एक ईमानदार सरकार, अगर वो एक प्लान के तहत, जी तोड़ मेहनत करे, तो उसको भी कम से कम 10 साल लगेंगे कुछ ऐसे बुनयादी बदलाव लाने के लिए जिससे आपके और मेरे जीवन में कुछ अछा होता नज़र आये. जिससे हमारी ज़िन्दगी कुछ आसान बने. जिससे हर भारतीय को अपने परिवार के साथ सुख के कुछ पल बिताने को भी मिले. जिससे कोई भारतीय भूख या बीमारी के कारण लाचार न हो. लेकिन हम 130 करोड़ लोग हैं और अगर 50% लोगों को महीने का 1000 रुपये का भी फायदा देना पड़े तो हर महीने 65,000,00000000 खर्च होगा. ये पैसा आएगा कहाँ से, यह सोच के वोः लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं, जो अगर इस देश से पैसा चोरी कर के बहार के देशों में न ले जाते तो हम सब लोग एक अछा जीवन व्यतीत कर लेते. तो अब किया क्या जा सकता है? अगर मैं, आप हमारे आस पास से कुछ ईमानदार और बुद्धिमान व्यक्तियों को प्रोत्साहन दे तो हम लोग ना सिर्फ बाहिर के देशों से 5lakh करोड़ वापिस लाने का प्रयास कर सकते हैं बल्कि हर साल जो हज़ारों करोड़ों का टैक्स बड़ी-बड़ी कम्पनीज डकार जाती हैं वोः वसूल कर, उस भूखे किसान के पेट में अन्न दाल सकते हैं जो आज अपने परिवार ित आत्महत्या करने की सोच रहा है. लेकिन यह काम आसान नहीं होगा. बड़ी से बड़ी ताक़तें आपकी दुश्मन बन जाएँगी और अपनी-अपनी दुकान से जुडी राजनितिक पार्टियो को आपके खिलाफ काम करने को लगा देंगी. आप की हालत आम आदमी पार्टी से भी ी कर दी जाएगी. उन ताक़तों को ये कभी हज़म नहीं हों सकता की एक आम आदमी की इतनी औकात की वोः इन दिगजों से पंगा लें. उस वक़्त हमें ये याद रखना है की अगर आपके 50 गज के प्लाट पे कोई गुंडा कब्ज़ा कर ले तो आप क्या करते है? लड़ते है क्यूंकि वोः आपका अधिकार है. तो जब इस देश की संपत्ति पे आप अपना हक़ मांगने जायेंगे तो ये कभी न भूलें कि अगर यह लड़ाई जीतनी है तो उस 50 गज वाले प्लाट से चार गुना ज़्यादा जोश से लड़नी पड़ेगी.
        Reply
        1. C
          Caamano
          Jul 3, 2015 at 2:13 am
          Funds for promoting Kejriwala to be next PM!!
          Reply
          1. D
            david
            Jul 2, 2015 at 3:37 pm
            Corrupt congress is asking the same questions which they had been doing during their 60 years corrupt regime.
            Reply
            1. F
              Francis Monteiro
              Jul 3, 2015 at 12:14 pm
              kejri reply how much last govt of congress spent on same
              Reply
              1. H
                human
                Jul 2, 2015 at 4:57 pm
                Now i am pretty convinced that PB is in the hands of BJP. All his PIL's are against Congress. Why no PIL for L.Modi, Sushma, Raje, Maharashtra BJP, etc ... from him ? Shameless moron.
                Reply
                1. L
                  Lovely
                  Jul 3, 2015 at 2:04 pm
                  AK 49 has effectively tamed Delhi sheep to vote AAP 67.
                  Reply
                  1. Load More Comments